एक रेलगाड़ी चलते चलते अचानक पटरी से उतरकर
आजूबाजू के खेतों में गई 
और फिर से वापस पटरी पर आ गई।
सारे यात्री डर के मारे सहम गए।
अगले ही स्टेशन पर रेलगाड़ी के चालक संतासिंह जी को पकड़ लिया गया। .
.
इन्क्वायरी ऑफिसर ने उनसे इस बावत् सवाल पूछे।
संतासिंह ने बताया कि एक आदमी पटरी पर खड़ा था और
मेरे कई बार हार्न बजाने के बावजूद वह पटरी सेनहीं हट रहा था।
इनक्वायरी ऑफिसर ने कहा – संतासिंह तुम पागल हो क्या ?
एक आदमी की जान बचाने के लिए तुमने इतने आदमियों की जान खतरे में डालदी । 
तुम्हें तो उस आदमी को कुचल देना चाहिए था।
संतासिंह – वही तो मैं करने जा रहाथा लेकिन जैसे ही गाड़ी 
उसके एकदम नजदीक पहुंची वह कम्बख्त खेतों में इधर उधर भागने लगा ………
Categories:
Share
Blog Widget by LinkWithin