स्कूल से अपने बेटे पप्पू के काफी सारे प्रेम प्रसंगों गलत आदतों की शिकायतें आने के बाद
एक दिन संता उसे बुलाया और कहा।

संता: बेटा मुझे समझ नहीं आ रहा

तुम्हे कैसे कहूं पर मुझे लगता की वह वक्त आ गया है
जब हम दोनों स्त्री-पुरुष संबंधों के बारे में आपस में खुल कर बातचीत करें।

संता की बात सुन पप्पू तपाक से बोला,

"अरे पापा शर्माइये नहीं बताइए ना आप क्या जानना चाहते हैं?"
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